झालावाड़। बोर्ड परीक्षाओं के चलते घटते शैक्षिक दिवसों और स्थानीय परीक्षाओं को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, राजस्थान, बीकानेर ने प्रदेशभर में सख्त निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा कार्य में लगे वीक्षकों की उपस्थिति केवल वास्तविक ड्यूटी दिवसों पर ही परीक्षा केंद्र पर मान्य होगी।
जारी आदेश के अनुसार परीक्षा ड्यूटी के अतिरिक्त दिवसों तथा परीक्षा के अंतराल (गैप) दिनों में सभी वीक्षक अनिवार्य रूप से अपने मूल विद्यालय में उपस्थित रहकर नियमित शिक्षण कार्य करेंगे। निदेशालय ने दो टूक कहा है कि स्थानीय कक्षाओं का अध्ययन किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होना चाहिए, वार्षिक परीक्षाएं हैं और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति प्रभावित होने की आशंका रहती है।
केंद्राधीक्षक व संस्थाप्रधान की जवाबदेही तय
निर्देशों में पिईईओ ( PEEO ) एवं संस्थाप्रधानों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे परीक्षा केंद्र पर तैनात कार्मिकों की गैर ड्यूटी दिवसों की उपस्थिति स्वीकार न करें। वहीं केंद्राधीक्षक को यह सुनिश्चित करना होगा कि वीक्षक केवल ड्यूटी दिवसों पर ही केंद्र पर उपस्थित रहें और शेष दिनों में अपने मूल विद्यालय में सेवाएं दें।
निदेशालय ने आदेश की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए चेतावनी दी है कि अनुपालना नहीं होने पर संबंधित कार्मिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पूर्व आदेशों की अक्षरशः पालना
यह निर्देश कार्यालय निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर द्वारा 19 फरवरी 2020 को जारी आदेश (क्रमांक शिविरा-माध्य/मा/मॉनिटरिंग/बोर्ड परीक्षा निर्देश/2020/69) के बिंदु (स) “शिक्षा विभाग से संबंधित” के पॉइंट V के संदर्भ में जारी किए गए हैं। पूर्व आदेशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया है।
शिक्षा व्यवस्था को बनाए रखने पर जोर
विभागीय सूत्रों के अनुसार बोर्ड परीक्षाओं के दौरान कई विद्यालयों में शिक्षकों की अनुपस्थिति से नियमित कक्षाएं प्रभावित होती रही हैं। ऐसे में निदेशालय का यह कदम शिक्षण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और विद्यार्थियों की पढ़ाई में निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सुनेल (सीबीईओ) जब्बार खान देशवाली ने भी निर्देशों की पालना सुनिश्चित कराने की बात कही है। अब गैर ड्यूटी दिवसों में वीक्षक अपने मूल विद्यालय में उपस्थित होकर अध्यापन कार्य कराएंगे तथा परीक्षा केंद्र पर अनावश्यक उपस्थिति दर्ज नहीं होगी।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ नियमित शैक्षणिक गतिविधियां भी समान रूप से संचालित रहना आवश्यक है, ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक हित सर्वोपरि बना रहे।
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