“विद्यासागर नाम हमें प्राणों से भी प्यारा है” के जयघोष से गूंजा नगर
हाड़ौती हलचल न्यूज़ डिजिटल नेटवर्क
पिड़ावा। सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान में, श्रमण विहार संघ के नेतृत्व में जैन राष्ट्रीय संत, आचार्य गुरुवर 108 श्री विद्यासागर महाराज का द्वितीय समाधि स्मृति दिवस पिड़ावा की पावन धरा पर श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया।
समाज प्रवक्ता मुकेश जैन चेलावत ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन 108 श्री भूतबली सागर महाराज के शिष्य 108 श्री मुनि सागर महाराज एवं ऐलक 105 श्री मंथन सागर महाराज के सानिध्य में सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर प्रातः 6:30 बजे बड़े मंदिर से नगर में ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी में बच्चे, बालिकाएँ, युवा, महिलाएँ एवं पुरुष भक्ति गीत
“विद्यासागर नाम हमें प्राणों से भी प्यारा है” गाते हुए शामिल हुए। प्रभात फेरी पिपली चौक, शहर मोहल्ला, खंडूपुरा, नयापुरा होते हुए पुनः बड़े मंदिर पहुँची, जहाँ ललित जैन अध्यापक परिवार द्वारा लड्डू वितरण किया गया।
इसके पश्चात मुनि सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की संगीतमय पूजन एवं आचार्य श्री भूतबली सागर महाराज की पूजन सम्पन्न हुई।
मुनि सागर महाराज ने अपने प्रवचनों में आचार्य विद्यासागर महाराज के तपस्वी जीवन, साधना, त्याग और समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला।
समाज की सेवा भावना के अंतर्गत दिनेश राजस्थानी परिवार द्वारा वृद्धाश्रम एवं अस्पताल में फल वितरण किया गया, वहीं युवा साथियों द्वारा गौशाला में गौमाताओं को चारा खिलाया गया।
रात्रि में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म “अंतयांत्री महापुरुष” एवं “समाधि सम्राट मुनि श्री मुक्ति सागर जी महामुनि राज” पर बनी प्रेरणादायक फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसे समाजजनों ने भावविभोर होकर देखा।




0 टिप्पणियाँ