हाडौती हलचल न्यूज़ डिजिटल नेटवर्क
पिड़ावा। श्री सांवलिया पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र बड़ा मंदिर में समाधी सम्राट परम पूज्य 108 श्री भूतबली सागर महाराज जी के परम शिष्य परम पूज्य 108 श्री मुनि सागर महाराज, श्री मुक्ति सागर महाराज,ऐलक105श्री मंथन सागर जी महाराज विराजमान है। समाज प्रवक्ता मुकेश जैन चेलावत ने बताया कि जैन संत मुक्ति सागर जी महाराज 76 साल की उम्र के हो गये है और उनकी त्याग, तपस्या, साधना के चलते हुवे संलेखना से समाधी की और अग्रसर है निर्यापक सन्त परम पूज्य 108 श्री मुनि सागर महाराज ने बड़े मन्दिर में अपनी धर्म देशना में बताया कि राजा राणा छत्रपति हाथिन के असवार ,मरना सब को एक दिन अपनी अपनी बार इस संसार में जो भी आया है सबको एक दिन जाना है इसलिए अपने जीवन में त्याग तपस्या करते रहना चाहिए जिससे कि आप का मौक्ष मार्ग प्रशस्त हो सके। महाराज जी ने बताया कि गुरूवार को मुक्ति सागर महाराज जी ने सकल जैन समाज से अनुमति मांगी और उसके बाद शुक्रवार को दोपहर 2 बजे यम संलेखना निर्यापक मुनि सागर महाराज के सानिध्य में शुरू हो जायेगी।



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