नीमच। दिगंबर जैन समाज के अंतर्गत श्री 1008 महावीर स्वामी दिगंबर जैन मंदिर समिति द्वारा भगवान पारसनाथ स्वामी का पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। पुरानी नगर पालिका बांग्ला नंबर 60 स्थित मैदान पर महावीर स्वामी दिगंबर जैन मंदिर पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन बनारस नगरी में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भक्ति मंडप में महावीर स्वामी का मंदिर एवं विशाल वैदीका सजाई। जिसमें 33 प्रतिष्ठा प्रतिमा विराजित की गई। जिसका पंचकल्याणक विधिपूर्वक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में वैदि के समक्ष किया गया। मंगलवार को प्रातः मंगल प्रभात, गीत, शांति जाप ,प्रक्षाल पूजन से महोत्सव का शुभारंभ किया गया। प्रथम प्रवचन डॉक्टर मनीष मेरठ के हुए उन्होने कहा कि सम्यक तत्व की मिथ्या दृष्टि को त्यागे बिना समयक तत्व की प्राप्ति नहीं हो सकती है। पांच लब्धि से सम्यक दर्शन को प्राप्त कैसे करें इस विधि पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके साथ ही इंद्रसभा में सौधर्म इंद्र का आसन कंम्पायमान होने का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया गया। सौधर्म इंद्र धनेश भाई शाह ने अवधि ज्ञान का उपयोग जोड़कर पार्श्व कुमार के जन्म कल्याणक की घोषणा की। जयघोष सुनकर हजारों श्रद्धालु झूम उठे ।भक्ति में झूम कर नृत्य करने लगे राज्यसभा में सची इंद्राणी दीपा शाह ने आकर प्रसुति ग्रह से बाल तीर्थंकर को गोदी में लेकर अपने स्त्री पर्याय को धन्य किया। सौ धर्म इंद्र ने 1000 नेत्र बनाकर पार्श्व कुमार के रूप को निहारा, ऐरावत हाथी पर पार्श्व कुमार विराजित कर पूरे बनारस नगर की प्रदक्षिणा करते हुए पांडु शीला पर पहुंचे। जन्म कल्याणक महोत्सव में सकल जैन समाज ने हजारों की संख्या में साधार्मिक स्वामी वात्सल्य भोज ग्रहण किया। नगर में अनेक स्थानों पर शोभायात्रा का मंगल स्वागत किया गया। पांडू शीला पर इंद्र एवं भक्तों द्वारा 1008 कलशों से जन्म अभिषेक किया गया। सौधर्म इंद्र ने तांडव नृत्य प्रस्तुत करके जन्म महोत्सव की खुशियां मनाई। रात्रि में बाल कक्षा भक्ति प्रवचन के बाद मैनपुरी से आए हुए 60 फीट लंबे 15 फीट ऊंचाई वाले मणी रत्न से जड़ित कांच के पालने को फूलों से श्रृंगारित किया गया। जिसमें पार्श्व कुमार को बिठाकर सभी भक्तों ने झूला झुलाया और भक्ति का आनंद ग्रहण किया देशभर के अनेक नगरों से आए राजा रानी ने भेंट समर्पित की। प्रतिष्ठाचार्य रजनी भाई दोशी हिम्मतनगर ,मंच संचालक संजय शास्त्री, निदेशक अशोक लोहारिया, विराग शास्त्री ने पूरे कार्यक्रम में रचनात्मक सहभागिता निभाई। सकल जैन समाज की एकता का प्रतीक महोत्सव में मंगलवार को मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, हिम्मतनगर, कोलकाता, इंदौर, भावनगर ,सोनगढ , गुजरात ,महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश एवं आंध्र प्रदेश सहित देश भर से बड़ी संख्या में समाज जन सहभागी बने। साथ में इंद्रसभा राज्यसभा की सुंदर प्रस्तुति दी गई। जिसमें पार्श्वनाथ भगवान के जन्म कल्याणक की घोषणा की गई जिसमें हजारों जन समुदाय आनंदित और रोमांचित हुआ और सुरबालाओं द्वारा आज आनंद भयों गीत तथा अन्य गीतों पंर भी विभिन्न धार्मिक समुह नृत्य की सुंदर प्रस्तुतियां दी गई। दोपहर में विशाल जनसमूह द्वारा शोभायात्रा में सहभागी बनकर जैन मंदिर पहुंचे। जहां सभी मातृ शक्ति द्वारा भगवान वेदी की शुद्धि की गई और अपने आप को सभी ने धन्य अनुभव किया बाद में इंद्र द्वारा विशेष शुद्ध प्रतिष्ठा आचार्य रजनी भाई दोशी द्वारा मंत्र उच्चारण के साथ करवाई गई। इस अवसर पर बनारस नगरी जिन मंदिर से दोपहर 1.30 बजे 1008 श्री महावीर स्वामी भगवान की अगवानी में प्रतिष्ठेय भगवंतों की विशाल शोभायात्रा निकाली गई ।जो भगवान के माता-पिता शांतिलाल एवं सुनीता सरावगी द्वारा श्री नंदी कलश सजाकर सौधर्म इंद्र धनेश भाई एवं दीपा बहन के साथ प्रतिष्ठा स्थल जैन कॉलोनी के समीप दशपुर कॉलोनी में नवनिर्मित जैन मंदिर पहुंचे । जहां धर्म ध्वजा वेदी पर भगवान विराजित कर नंदी कलश की स्थापना की गई ।इस अवसर पर प्रतिष्ठा समिति अध्यक्ष महिपाल ज्ञायक द्वारा प्रतिष्ठाचार्य को पगड़ी प्रदान कर सम्मानित किया गया। ट्रस्ट के मंत्री प्रवीण सरार्फ द्वारा स्वागत उद्बोधन दिया गया। दोपहर में श्री याज्ञ मंडल विधान भक्ति संगीत एवं धर्म अध्यात्म के मधुर कर्ण प्रिय संगीतमय वातावरण में विशाल जन समुदाय की उपस्थिति में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए इसके साथ ही मंच पर मंच सम्राट संजय शास्त्री कोटा द्वारा इंद्रसभा एवं राज्यसभा संचालित की गई ।इसे पुर्वमहोत्सव की श्रृंखला में 1 दिसंबर को दशपुर कॉलोनी स्थित दिगंबर जैन मंदिर में सुबह शांति जाप, नित्य नियम पूजन किया । शोभा यात्रा में डीजे बैंड बाजा के साथ 21 ढोल एवं 21 बग्गी में धर्म लाभार्थी एवं इन्द्र इंद्राणी विराजित थे, शोभायात्रा में इंद्र इंद्राणी हाथों में कलश लिए चल रहे थे। इस अवसर पर 33 प्रतिमाओं को प्राण प्रतिष्ठा के लिए विराजित किया गया, 2 सफेद एरावत हाथी जिस पर इंद्र इंद्राणी विराजित थे। मार्ग में स्थान स्थान पर तोप से फूलों की पुष्प वर्षा कर मंगल स्वागत किया गया।कार्यक्रम की पावन श्रृंखला में उद्घाटन एवं कलश स्थापना, इंद्र प्रतिष्ठा अनुष्ठान वैदिक मंत्र उच्चारण
के साथ किया गया।, 1008 श्री पारसनाथ पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव का शंखनाद भगवान का अभिषेक एवं पूजन द्वारा मंगल शुभारंभ किया गया इस अवसर पर निखिल शास्त्री मुंबई, प्रतिष्ठा आचार्य रजनी भाई दोशी द्वारा विधि पूर्वक वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ धार्मिक अनुष्ठान करवाया गया सहप्रतिष्ठा आचार्य भूपेंद्र शास्त्री, कार्यक्रम निदेशक विराग शास्त्री जबलपुर, नागेश भाई जैन पिडावा, सौधर्म इंद्र दीपा धनेश शाह, सुनीता शांतिलाल सरावगी, कोलकाता, नेमीचंद बगेरवाल जैन भीलवाड़ा, प्रेमचंद बजाज कोटा, रणधीर घोषाल कोलकाता ,अनिल जैन बड़नगर,राजकुमार अजमेरा, मनोहर लाल लोहारिया बिजोलिया,विजय जम्मू कुमार जैन, प्रोफेसर आशा जैन, नवीन जैन मुंबई, राकेश सागर, नरेश सालगिया ,सुभद्रा इंदौर, सहित सकल जैन समाज के बड़ी संख्या में महिलाएं पुरुष बच्चे उपस्थित थे। धर्म लाभार्थी अतिथियों का मोती माला दुपट्टा पगड़ी से सम्मान किया गया।इस अवसर पर समाज जनों द्वारा जिन शासन ,पंच प्रतिष्ठा महोत्सव ,महावीर स्वामी, आदिनाथ पार्श्वनाथ आदि की जय घोष भी लगाई गई। मातृशक्ति एवं बालिकाओं द्वारा श्वेत लाल नीले गुलाबी परिधानों में सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया । मेगा स्क्रीन पर कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। इंद्र प्रतिष्ठा उद्घाटन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। इस अवसर पर राजकुमार शाह सिंगोली मंडल, हितेश भाई, प्रदीप चौधरी कोलकाता मंडल, प्रकाश पांडे ,पुष्प चंद्र सिंगोली, आदि अतिथि उपस्थित थे। इस अवसर पर कार्यक्रम में संरक्षक के रूप में नीमच मुख्य न्यायाधीश कुलदीप जी जैन, भोपाल जिला न्यायाधीश पंकज जैन, श्री भीडभजन पार्श्वनाथ जैन श्वेतांबर ट्रस्ट के अध्यक्ष अनिल नागौरी, वैश्य महासम्मेलन संभागीय अध्यक्ष संतोष चोपड़ा, ज़ी सिने स्टार टीवी धारावाहिक सीआईडी अभिनेता पियुष चोपड़ा सहित सकल जैन समाज के श्रद्धालु महोत्सव में सहभागी बने।महोत्सव में शुभारंभ समिति के महामंत्री विजय बड़जात्या इंदौर, एवं कीर्ति बड़जात्या रतलाम , गौरव अजमेरा , समिति के अध्यक्ष मनोहर बाकलीवाल, मंत्री प्रवीण सर्राफ के साथ कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में सचिन अग्रवाल, अभिषेक काला(रामू) , अंकुश गोधा(टीटू) ,वैभव विनायका, गौरव अजमेरा, वैभव अजमेरा ,पीयूष काला ,नरेश सालगिया ,राजेश रारा ,शरद गोधा , सुरेश विनायका,अनंत सर्राफ ,निलेश जैन ,मनीष वत्सल ,सुनील कटारिया एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन संजय शास्त्री कोटा ने किया तथा विभिन्न धार्मिक भजनों की प्रस्तुति देवेंद्र जैन ग्वालियर ने दी।
पंजाब के पाइप बैंड ने दी जन्म की बधाई
प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की शोभायात्रा में पंजाब के भटिंडा क्षेत्र के प्रख्यात इंडियन फौजी पाइप बैंड के कलाकारों ने हैरतअंगेज उछल कूद करते हुए मधुर स्वर लहरियों के साथ एक्शन नृत्य के माध्यम से भगवान पारसनाथ के जन्म पर बधाई प्रस्तुत की। जिसे देख सभी आश्चर्यचकित हो गए।
मातृशक्ति ने नृत्य में दिया धार्मिक उपदेशों का संदेश...
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में राज्यसभा में धर्म शास्त्रों से जुड़े प्रत्येक प्रश्न उत्तर के मध्य में क्रमशः निरंतर बालिकाओं, महिलाओं एवं मातृशक्ति द्वारा सुनोनी नवानी आत्मा का आभार करो रे... वैभव आया रे आनंद आया रे... आओ आओ सखिया मंगल गाओ सखिया.... मंगल महोत्सव आया है जीव ने आत्मा की बात नहीं सुनी रे.... सहित विभिन्न भजनों पर धार्मिक भजनों पर आधारित समूह नृत्य प्रस्तुत किए गए जिसे प्रत्येक नृत्य पर जैन धार्मिक भगवान पार्श्वनाथ के जन्म कल्याणक चरित्र से जुड़े उपदेशों का वर्णन प्रस्तुत किया गया था।
जिसका नृत्य निर्देशन राजुल जैन तथा जस्ट डांस क्लास निर्देशक डांस कोरियोग्राफर उमेश सांखला, मोहित शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।
सकल नवकार मंत्र आराधकों का लगा मेला.....
पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव में बनारस नगरी में पार्श्व कल्याणक महोत्सव में देशभर से 10हजार से अधिक लोग सहभागी बने, पूरी बनारस नगरी खचाखच भरी थी वहां देखकर ऐसा लग रहा था जैसा समस्त नवकार मंत्र आराधकों का मेला लग गया हो।

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