चार गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद झालावाड़ किया रेफर, हरिश्चंद्र के परिवार के दो चिराग बुझे
झालावाड। झालावाड़ के समीपवर्ती क्षेत्र मध्यप्रदेश के सोयतखुर्द गांव में हुआ दर्दनाक हादसा हुआ। जिसने भी इस हादसे के बारे में सुना वह स्तब्ध रह गया। मंगलवार को दोपहर लगभग 3 बजे के स्कूल की छुट्टी होने के बाद बच्चे स्कूल के बाहर निकले और अचानक बारिश आ गई । बारिश के कारण स्कूल से कुछ ही दूरी पर स्थित बरगद के पेड़ के नीचे बच्चे खड़े हो गए जहां पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गयी। आकाशीय बिजली गिरने से तीन बच्चों की मौत हो गई और गंभीर रूप से घायल हुए 4 बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोयतकला में उपचार के लिए लाया गया, लेकिन बच्चों की हालत गंभीर होने के चलते उनको गंभीर अवस्था में झालावाड़ रेफर किया। स्कूली बच्चों पर बिजली गिरने की घटना पर सोयतकलां क्षेत्र गमगीन हो गया। देखते ही देखते घटना की जानकारी आग की तरह फैल गई और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सोयतकला में क्षेत्रवासी व ग्रामीण जन की भीड़ उमड़ पड़ी। स्कूली बच्चों में मृतक भोला पिता जगदीश वर्मा, चंदन पिता हरिश्चंद्र भील, कुंदन पिता हरिश्चंद्र भील तथा चार अन्य बच्चे घायल हुए। सभी घायल बच्चों की उम्र 10 वर्ष से लेकर 12 - 13 वर्ष की है। घटना के बाद एसडीएम, नायब तहसीलदार, पुलिस प्रशासन मौके पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे । प्राथमिक स्वास्थ्य में अव्यवस्था के चलतेे ग्रामीण जन आक्रोशित हुए ।
हरिश्चद्र के दो चिराग बुझे
हरिश्चंद्र भील निवासी सोयतखुर्द के दोनों पुत्र कुंदन और चंदन दोनों की मौत आकाशीय बिजली गिरने के कारण हरिश्चंद्र के परिवार के दोनों चिराग बुझ गए। इस घटना से पूरे परिवार स्तब्ध रह गया ।
ग्रामीणों में आक्रोश, बच सकती थी जान समय पर नहीं मिला इलाज
ग्रामीणों में आक्रोश है सोयतखुर्द से सोयतकलां की दूरी 9 किलोमीटर है यह सड़क इतनी जर्जर हो चुकी है 9 किलोमीटर का सफर 40 मिनट में तय होता है बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। अगर सड़क ठीक रहती तो घायलों का इलाज समय पर होता तो बच्चों की जान बच सकती थी।





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