HADOTI HULCHAL NEWS

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अहिल्याबाई की जन्म जयंती मनाई

hadoti hulchal
सौरभ जैन
झालावाड़@पिड़ावा कस्बे से 2 किलीमीटर दूर स्थित ऐतिहासिक सुरजकुडं महादेव मंदिर पर शुक्रवार शाम को अहिल्याबाई की जन्म जयंती मनाई गयी । पंडित सुनील शर्मा ने बताया की राजस्थान होल्कर वंश की राजमाता अहिल्या बाई का जन्म 31मई 1734 को ओरंगाबाद के जनपद मे हुआ था । अहिल्या बाई बचपन से ही बडी दयावान श्रृद्धावानतथा आस्थावान रही थी । सन् 1767 से 1795 तक बडी ही कुशलता व कठोरता से शासन का संचालन किया था । इसी काल के दोरान 1770 मे अहिल्या का आगमन पिडावा नगर मे चवली नदी के तट पर हुआ ।  वहा का रमणीय व सुरम्य माहोल देख कर आराध्यदेव देवाधिदेव महादेव का शिवधाम निर्मित करवाया । उसे अपनी आराधना स्थली बनाया सघन वृक्षो के झुरमुटो के मध्य मे घिरे सूरजकुंड महादेव मंदिर की निम्न विशेषताए है । सर्वप्रथम सुर्य की प्रथम किरण का शिवलिंग पर गिरती है । वही श्मशानेश्वर नाम से विख्यात शिवलिंग के सम्मुख श्मशान होना । प्राणदायिनी चंवली नदी के तट पर शिवालय का होना । मंदिर से जुडे दो विशालकुंड जिनका ऐतिहासिक महत्तव होना । मंदिर से जुडी विशालकाय पुलिया जिसने मंदिर नदी व वन को विशेष सुरम्यता प्रदान की है। मंदिर परिसर मे एक विशालकाय गुम्बद का होना है । मंदिर का शिखर गगनचुम्बी होना । शिखर के ऊपर ५१ कलशो की आकृति उभरी हुई है । वही चमत्कारिक शिवलिंग होने के कारण सैकडो गांवो की आस्था का केन्द्र है ।


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