झालावाड़। स्वैच्छिक क्षेत्र विकास केन्द्र के अध्यक्ष श्री मुमताज मसीह (राज्य मंत्री दर्जा) की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय के कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के सभी स्वयं सेवी संगठन एवं सस्थाओं (एनजीओ) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वैच्छिक क्षेत्र विकास केन्द्र के अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सोच है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी एवं फ्लैगशीप योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाने का एनजीओ एक उचित माध्यम है। इसके लिए मुख्यमंत्री द्वारा स्वैच्छिक क्षेत्र विकास केन्द्र की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि केन्द्र का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में किसी भी क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रहे एनजीओ को हरसंभव सहयोग प्रदान करना है। साथ ही उन एनजीओ के माध्यम से अन्य एनजीओ व गैर सरकारी संस्थाओं को आमजन के लिए समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रेरित करना है।

एक जुलाई से प्रारंभ होगा वेब पोर्टल

यह मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। जिसके माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत स्वैच्छिक क्षेत्र विकास केन्द्र द्वारा 1 जुलाई, 2022 से वेब पोर्टल आरंभ किया जाएगा। जिसमें सभी एनजीओ को अपना रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा। इसके पश्चात् रजिस्टर एनजीओ में से कार्य के आधार पर उनका एग्रीडेशन किया जाएगा तथा ग्रेडिंग निर्धारित की जाएगी। इस पोर्टल पर सभी एनजीओ का अपना 3 साल का सम्पूर्ण लेखा जोखा अपलोड करना होगा। इसके बाद ही एनजीओ सरकार से अनुदान प्राप्त कर सकेंगे।

एनजीओ के लिए आयोजित होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

प्रदेश में कार्य कर रहे सभी एनजीओ को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से सभी जिलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसमें विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा एनजीओ के प्रतिनिधियों एवं सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

एनजीओ एवं प्रशासन में समन्वय स्थापित करने के लिए होगा संवाद कार्यक्रम

मसीह ने जानकारी देते हुए बताया कि आमजन को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए यह आवश्यक है कि एनजीओ और जिला प्रशासन के अधिकारियों के मध्य आपसी समन्वय स्थापित हो। इसके लिए स्वैच्छिक क्षेत्र विकास केन्द्र द्वारा प्रत्येक जिले में एक-एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसमें जिले के सभी राजकीय अधिकारियों सहित एनजीओ एवं संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे। आपस में परस्पर संवाद के पश्चात् एनजीओ समाज सेवा के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन के पश्चात् एनजीओ को उनकी क्षमता के अनुसार रोस्टर के माध्यम से कार्य मिलेगा। इस प्रक्रिया से कोई एनजीओ कार्य से वंचित नही रहेगा। साथ ही जो एनजीओ व संस्था केन्द्र के अनुसार कार्य नहीं करेगा उसको ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। बैठक में जिले के विभिन्न एनजीओ एवं संस्थाओं के प्रतिनिधि, सहायक सांख्यिकी अधिकारी खेमराज नागर आदि उपस्थित रहे। बैठक के पश्चात् स्वैच्छिक क्षेत्र विकास केन्द्र के अध्यक्ष द्वारा गागरोन स्थित मिट्ठे महाबली शाह दरगाह एवं पीपाजी धाम के दर्शन कर देश में अमन चैन की दुआ मांगी।